Mere Man Kee

आज कल चर्चा है इसी बात पर की,
ज़माना असहिष्णु होता जा रहा है |
कोई वापस देता तमगा है,
तो कोई घर छोड़ जा रहा है ||
मै तो हूँ अचंभित,
सब को दिख रही असहिष्णुता,
दुम दबा के मुझसे ही,
क्यों भगा जा रहा है ||
मैंने खोजा सब जगह,
खेत-खलिहान, बाग़-बगीचे |
अन्दर-बाहर, सड़क और नदी,
पर मुझे तो कही दिख ना रहा है ||
कही फटा बम,
तो कही हो रहा हमला |
लेकिन पता नहीं क्यों,
यह भारत में ही भगा जा रहा है ||

http://www.bookstore.onlinegatha.com/bookdetail/450/Mere-Man-Kee………html

Recommend0 recommendationsPublished in Hindi, Relationships

Your email address will not be published.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.